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दम दम दम अरे देखो दम।
बहुत है हममें तुममें सबमे दम।।
जहां खड़े हो जायें दिखा दे दम।
जहां चल पड़े दिख जाये दम।।
जहां दौड़ पड़े लगा दे पूरा दम।
जहां कूद जाये दिखे जबरदस्त दम।।
जहां लड़ जाये अगला मान ले दम।
जहां भिड़ जाये निकले दूसरे का दम।।
जहां पिल जाये कर दे दम बोल दम।
जहाँ लिख दें दिखे कलम का ही दम।।
जहां कह दे दिखे जुबान का दम।
जहां वायदा कर दे हो जाये दम दम दम।।
जहां रिश्ते बनाये दिखे उनमे दम।
जहां दुनिया बसायें कर दे बस हमदम।।
जहां नाचे वहाँ मंच माने टांगो का दम।
जहां गाना गाये जम जाये रंग हरदम।।
जहां खाये प्लेटें चमके हर दम।
जहां पीने लगे खाली बोतलें हर दम।।
जहां साईकल पे चढ़े तो सड़के नापी दमा दम।
जहां गाड़ी की सवारी तो स्टेयरिंग बोले दम दम।।
जहां हाथ मे लठ पकडा अपराधी का निकले दम।
जहां सरहद पे बंदूक थामी दुश्मन हो गए बेदम।।
अब और क्या बोले भाई हर तरफ बिखरा है बस जोश और मेरा तुम्हारा हम सब का दम खम।
जय हिंद।
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शुभ रात्रि।
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🌹🙏💫💫💫💫💫💫💫🇮🇳💫💫💫💫💫💫💫🌹✍️ बीते तीन चार दिनों मैं पारिवारिक यात्रा पे रहा। ससुराल के सुख का आनंद लिया। और कुछ अपने संबंधियों से मुलाकात भी की। मैं अपने जन्मस्थान पे हमेशा जाता हूं और वहां भी गया। वहां मेरी रूह बसती है। हां वहां भी गया जहां जाकर मुझे आत्मिक शांति और अध्यात्म का अनुभव होता है। मां मुझे अपने दर पे आने देती है। मेरे मन की सभी तृष्णाएं और सब अहंकार वहां हवन कुंड में स्वाह हो जाते है। मैं "मां श्री नयना देवी जी" की बात कर रहा हूं। और ये सत्य है । आप की जहां श्रद्धा आस्था होती है ये सब अपने आप दूर हो जाते है। और एक बात , ईश्वर सब को समय समय पे आइना किसी न किसी रूप में दिखाते रहते है। आस्थावान को इशारा मिलता है और सुधार होता है। बाकी की आंख पे पट्टी बंध जाती है। आज महाभारत में दिए ज्ञान को समझने की जरूरत है। जान लीजिए भगवान स्वयं अपने भक्तों का अभिमान दूर करते हैं , फिर वह चाहे उनकी अर्धागिनी सत्यभाभा हों, प्रिय गोपियां हों, अभिन्न मित्र अर्जुन हो, वाहन गरुड़ हो या भक्त नारद हो । भगवान अकिंचन को ही प्राप्त होते हैं अभिमानी को नहीं। अर...
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