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बस वक़्त बदल रहा है और हम चले जा रहे है।
तहजीब रोज नये नये रंग लिए है और हम देख रहे है।।
जो कभी राम राम बहुत आम हुआ करती थी कहाँ खो गयी पता ही न चला।
जो कभी प्रणाम नमस्कार आम हुआ करते थे कल की बात हुए पता ही न चला।।
आज ये बदल कर हेलो हाय कब हो गयी मुझे पता ही न चला।
माँ पिता मॉम डैड पोप्स कब हो गए मुझे पता ही न चला।।
कब रिश्तों ने नई करवट नई अंगड़ाई ली दोस्त पता ही न चला।
कब दोस्त यार मित्र सखा सखी ब्रो बेब्स हो गये पता ही न चला।
कब बहन दीदी नए रिश्तों से सिस हो गयी पता ही न चला।।
कब रिश्तों ने अपनी खामोशी तोड़ी मुझे कुछ पता ही न चला।
कब रिश्तों ने भाषा मर्यादायें लांघी मुझे पता ही न चला।।
कब साफ हवाओं में जहर घुला के मुझे ही पता न चला।
कब मन जल दूषित हो गया बस मुझे पता ही न चला।।
कब मन सिकुड़े कब तन पे लत्ते छोटे हुए मुझे पता ही न चला।
कब नज़रों से शर्म की विदाई हुई मुझे पता ही न चला।।
कब कंक्रीट के जंगल में सब खो गये मुझे पता ही न चला।
कब मैं हावी हो हमसे ऊपर निकल गयी पता हो न चला।।
कब दुनिया ऊपर से पुती अंदर से बुझी मुझे पता ही न चला।
कब सब अंग्रेजी अंग्रेजी हो गये मुझे पता ही न चला।।
हम ये सब सोचते रहे और वक़्त गुजरा कब मुझे पता ही न चला।
और तो और अपनी पहचान कब भूले ये मुझे ही पता न चला।।
बस वक़्त बदल रहा है और हम चले जा रहे है।
तहजीब रोज नये नये रंग लिए है और हम देख रहे है।।
जय हिंद।
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शुभ रात्रि।
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🌹🙏❣❣❣❣❣🇮🇳❣❣❣❣❣✍🌹 भारतीय संविधान भाग 9 अनुच्छेद 243 घ। 243 घ. स्थानों का आरक्षण–(1) प्रत्येक पंचायत में– (क) अनुसूचित जातियों ;और (ख) अनुसूचित जनजातियों, के लिए स्थान आरक्षित रहेंगे और इस प्रकार आरक्षित स्थानों की संख्या का अनुपात , उस पंचायत में प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा भरे जाने वाले स्थानों की कुल संख्या से यथाशकक़्य वही होगा जो उस पंचायत क्षेत्र में अनुसूचित जातियों की अथवा उस पंचायत क्षेत्र में अनुसूचित जनजातियों की जनसंख्या का अनुपात उस क्षेत्र की कुल जनसंख्या से है और ऐसे स्थान किसी पंचायत में भिन्न-भिन्न निर्वाचन क्षेत्रों को चक्रानुक्रम से आबंटित किए जा सकेंगे। (2) खंड (1) के अधीन आरक्षित स्थानों की कुल संख्या के कम से कम एक-तिहाई स्थान, यथास्थिति , अनुसूचित जातियों या अनुसूचित जनजातियों की स्त्रियों के लिए आरक्षित रहेंगे । (3) प्रत्येक पंचायत में प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा भरे जाने वाले स्थानों की कुल संख्या के कम से कम एक-तिहाई स्थान (जिनके अंतर्गत अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों की स्त्रियों के लिए आरक्षित स्थानों की संख्या भी है) स्त्रियों के लिए ...
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