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अरे बल कहाँ छिपा है इसे मैं ढूंढ़ रहा हूँ।
अरे बल भुजाओं में है वजन उठा रहा हूँ।।
अरे बल टांगो में है लंबा दौड़ रहा हूं।
अरे बल कपाल में है कुछ खेल रहा हूँ।।
अरे बल पैरों में है लंबी बॉल फेंक रहा हूँ।
अरे बल कमर में हैं हर और लचका रहा हूँ।।
अरे बल सीने में है वार से दिल बचा रहा हूँ।
अरे बल रीड में है सो झुक नही रहा हूँ।।
अरे बल मांसपेशियों में है समझा रहा हूँ।
अरे बल धड़कते दिल मे है बता रहा हूँ।।
अरे जाने कितने बलों के साथ जी रहा हूं।
अरे ये एक और बल आया मित्र लाया।
अरे देखो बल मेरी अभिभावकों से आया।।
अरे बल तो मुझे मेरे ज्ञान से भी मिला है।
अरे बल तन से मन सब जगह मिला है।।
अरे सब बलों की संस्था बसी कहाँ है।
अरे असल ये बल तो बुद्धि से मिले है।।
अरे हम ऐसे ही बलों के पीछे क्यों भागे है।
अरे बुद्धि विकसित की तो सब बल उल्टा इसके पीछे भागे है।।
जय हिंद।
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शुभ रात्रि।
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🌹🙏❣❣❣❣❣🇮🇳❣❣❣❣❣✍🌹 भारतीय संविधान भाग 9 अनुच्छेद 243 घ। 243 घ. स्थानों का आरक्षण–(1) प्रत्येक पंचायत में– (क) अनुसूचित जातियों ;और (ख) अनुसूचित जनजातियों, के लिए स्थान आरक्षित रहेंगे और इस प्रकार आरक्षित स्थानों की संख्या का अनुपात , उस पंचायत में प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा भरे जाने वाले स्थानों की कुल संख्या से यथाशकक़्य वही होगा जो उस पंचायत क्षेत्र में अनुसूचित जातियों की अथवा उस पंचायत क्षेत्र में अनुसूचित जनजातियों की जनसंख्या का अनुपात उस क्षेत्र की कुल जनसंख्या से है और ऐसे स्थान किसी पंचायत में भिन्न-भिन्न निर्वाचन क्षेत्रों को चक्रानुक्रम से आबंटित किए जा सकेंगे। (2) खंड (1) के अधीन आरक्षित स्थानों की कुल संख्या के कम से कम एक-तिहाई स्थान, यथास्थिति , अनुसूचित जातियों या अनुसूचित जनजातियों की स्त्रियों के लिए आरक्षित रहेंगे । (3) प्रत्येक पंचायत में प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा भरे जाने वाले स्थानों की कुल संख्या के कम से कम एक-तिहाई स्थान (जिनके अंतर्गत अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों की स्त्रियों के लिए आरक्षित स्थानों की संख्या भी है) स्त्रियों के लिए ...
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