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तारीफ के पुल कितने बांधे बांधते गये।
हम बांधते गये वो ढहाते रहे ढहाते गये।।
हम दूर बेठे लुत्फ लेते रहे वो गुस्सा रहे।
उनको सब नकारना था नज़ारा लेना था।।
दिल मे बहुत कुछ था जो मन से कहना था।
उन्हें सुनना न था और हमे सुनाना ही था।।
जिससे इश्क़ हो जाये वो हाले दिल ही है।
जिसे वो सुनाया जाये वो मोहब्बतें नूर है।।
तारीफ तो हम इश्क़ की करते है।
वो अपनी समझते है ये उनकी नादानी है।।
लुत्फ तो हम अपने इश्क़ का लेते है।
वो इशारा समझते है ये उनकी परेशानी है।।
आरजुयें कब तक रहेंगे दिलो में।
ये हर वक़्त तुम्हारी पनाहें ढूंढती है।।
तुम कितना भी दूर कर लो पनाहों से।
ये आरजुये फना होगी तेरी पनाहों में।।
हम नादान ही रहेंगे तुम्हे समझने में।
तुम जितना भी समझदार बन समझाओ हमे।।
ये खालिस इश्क़ का जोर है मोहतरमा।
इससे दिलों को ढाया है ये समझ लीजिये।।
न जोर तुममें कम है हमे दूर करने का।
न जोर हममें कम है तुम्हारे पास आने का।।
इनके ख्याल मगरूर हुस्न की रवायत है।
हमारे ख्याल पामाल नही के नाशाद हो बेठे।।
ये मेरा पशेमान होकर फ़ज़ से गुजरना तेरे दिल की आवाज़ है।
और अगर ये तुझे सकून देता है तो ये मेरे फ़वाद की दुआ समझ लेना।।
हम तेरी तारीफ में कसीदे पड़ते ही रहेंगे।
भले ये तुझे मेरा तस्सवुर किश्नगी ही लगे।।
तुम दानिस्ता दूर जाने को बेकरार हो तो।
अ हमनफज हम भी फना होंगे जान लो।।
तुम तरीफ़ लो न लो ये तुम्हारी तबियत है।
हम पुल बांधते जाये ये हमारी तबियत है।।
जय हिंद।
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शुभ रात्रि।
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🌹🙏❣❣❣❣❣🇮🇳❣❣❣❣❣✍🌹 भारतीय संविधान भाग 9 अनुच्छेद 243 घ। 243 घ. स्थानों का आरक्षण–(1) प्रत्येक पंचायत में– (क) अनुसूचित जातियों ;और (ख) अनुसूचित जनजातियों, के लिए स्थान आरक्षित रहेंगे और इस प्रकार आरक्षित स्थानों की संख्या का अनुपात , उस पंचायत में प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा भरे जाने वाले स्थानों की कुल संख्या से यथाशकक़्य वही होगा जो उस पंचायत क्षेत्र में अनुसूचित जातियों की अथवा उस पंचायत क्षेत्र में अनुसूचित जनजातियों की जनसंख्या का अनुपात उस क्षेत्र की कुल जनसंख्या से है और ऐसे स्थान किसी पंचायत में भिन्न-भिन्न निर्वाचन क्षेत्रों को चक्रानुक्रम से आबंटित किए जा सकेंगे। (2) खंड (1) के अधीन आरक्षित स्थानों की कुल संख्या के कम से कम एक-तिहाई स्थान, यथास्थिति , अनुसूचित जातियों या अनुसूचित जनजातियों की स्त्रियों के लिए आरक्षित रहेंगे । (3) प्रत्येक पंचायत में प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा भरे जाने वाले स्थानों की कुल संख्या के कम से कम एक-तिहाई स्थान (जिनके अंतर्गत अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों की स्त्रियों के लिए आरक्षित स्थानों की संख्या भी है) स्त्रियों के लिए ...
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