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उलझनों में जिंदगी है कुछ बहुत मशगूल सी।
न हम इधर देख सकते है ना उधर जा सकते है।।
चाहतें बहुत है जिंदगी से निभा नही सकते हम।
कभी यू ही उदास होते है हम जिंदगी फिर हँसा देती है।।
ये जिंदगी मुबारक भी लगती है अफसाना भी लगती है ।
कभी मंजर जेबा लगता है और कभी नातमाम।।
किसी पल दिल को किसी के एहसास का शुबा होता है।
अगले ही पल ये फिर उलझ के उलझन सा रह जाता है।।
इच्छाएं तमाम शामिल थी ये किसी को समझाने में।
उसका यकीन था किस्मत से केवल अकेले ही रहने में।।
मेरे मन की चंचलता कभी मुझे रोक ही न सकी उलझने से।
ये तो सिर्फ तुम थी के हम जज़्बातों में उलझ गये।
तुम गमगीन होती हम तेरे रुख को बदलने की कोशिश तो करते ।।
यहीं कहीं उलझ के कभी हम बेदर्द दुनिया मे खो भी जाते है।
कुछ तो दोस्त है जो आज भी हमे कहीं न कहीं से ढूंढ़ ही लातें है।।
बहुत देखी तस्सली उनकी जो हमे उलझाते हैं।
हमे भी गुस्सा तो आता है मगर हम चुप हो जाते हैं।।
यू तो तम्मनाओं के गुल यहां दिल मे रोज खिलते है।
मगर उनकी आंखों के दीदार से कुछ कह के निकल जाते है।।
हम रोज नई खूबसूरत सी सोच के साथ होते है।
कुछ दिल साफ होता है और हम अपनी राह के पक्ष हो लेते है।।
सब कुछ अपनी चाहों का मिलेगा नही ये पता है मुझे।
उलझनों से उलझ रोज पार उतरना ये ही जिंदगी है मेरी।
सोचता हूँ तुझे ही ये दिल पढ़ा दू और उलझनें कुछ सुलझा दूं।।
मगर फिर भी उलझनों में जिंदगी है बहुत मशगूल सी।
न हम इधर देख सकते है ना उधर जा सकते है।।
जय हिंद।
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शुभ रात्रि।
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🌹🙏❣❣❣❣❣🇮🇳❣❣❣❣❣✍🌹 भारतीय संविधान भाग 9 अनुच्छेद 243 घ। 243 घ. स्थानों का आरक्षण–(1) प्रत्येक पंचायत में– (क) अनुसूचित जातियों ;और (ख) अनुसूचित जनजातियों, के लिए स्थान आरक्षित रहेंगे और इस प्रकार आरक्षित स्थानों की संख्या का अनुपात , उस पंचायत में प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा भरे जाने वाले स्थानों की कुल संख्या से यथाशकक़्य वही होगा जो उस पंचायत क्षेत्र में अनुसूचित जातियों की अथवा उस पंचायत क्षेत्र में अनुसूचित जनजातियों की जनसंख्या का अनुपात उस क्षेत्र की कुल जनसंख्या से है और ऐसे स्थान किसी पंचायत में भिन्न-भिन्न निर्वाचन क्षेत्रों को चक्रानुक्रम से आबंटित किए जा सकेंगे। (2) खंड (1) के अधीन आरक्षित स्थानों की कुल संख्या के कम से कम एक-तिहाई स्थान, यथास्थिति , अनुसूचित जातियों या अनुसूचित जनजातियों की स्त्रियों के लिए आरक्षित रहेंगे । (3) प्रत्येक पंचायत में प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा भरे जाने वाले स्थानों की कुल संख्या के कम से कम एक-तिहाई स्थान (जिनके अंतर्गत अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों की स्त्रियों के लिए आरक्षित स्थानों की संख्या भी है) स्त्रियों के लिए ...
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