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ये बंदिशें।

🌹🙏🏼❣❣❣❣🇮🇳❣❣❣❣✍🏼🌹
ये बंदिशें है बहुत तुम से नज़र मिला ना पायेंगे।
अगर सामने आ भी जाओ एक नज़र देख न पायेंगे।।
चाहते है बहुत के बहुत तुम मेरी नज़रों में बसों।
चाह के भी यू तुमको अपनी नज़र में बसा न पायेंगे।।
तेरे चहेरे की एक नज़र पे हम ये दिल भर लेते है।
पता है के तुमको चाह के भी तमाम उम्र हम न पायेंगे।।
सोच के तुमको कुछ तो दिल से दिल बहला लेते है ।
मायूस हुए भी तो यादों से तुम्हारी दिल बहला लेते है।।
आज कुछ शिकवे भी अगर थे तो उनको भी हमने दूर किया।
अमानत ही नही अपनी तो दिल हमने भी  तोड़ लिया।।
मुकद्दर में अगर तेरा इकरार लिखा होता कही।
तो हम भी तुझे जी भर जी लेते अपने मे कहीं।।
मगर मेरी किस्मत ही रही कुछ खफा सी खलिश ऐसी।
हम सोचते ही रहे और तुम मीलों दूर हुए कहीं।।
अब क्या रहा तेरी बेखबर याद के सिवा हम पे ओ जाने जाँ।
याद कर दम भर तुझे अपनी साँसों में जी लेते है।।
सामने ये बंदिशें है बहुत तुम से नज़र मिला ना पायेंगे।
कहीं अगर सामने आ भी जाओ देख न पायेंगे कभी।।
जय हिंद।
****🙏🏼****✍🏼
शुभ रात्रि।
🌹🌹🌹🌹🌹❣🌹🌹🌹🌹🌹

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