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हे ईश्वर।

🌹🙏🏼❣❣❣❣🇮🇳❣❣❣❣✍🏼🌹
ईश्वर की पूजा भक्ति हमारे अंदर एक आस्था को जन्म दे उसे प्रबल करती है।ये आस्था मनोकामनाओं को जगाने में सक्षम है।मनोवृत्तियां हमे बहुत सी अभिलाषाओं की और ले जाने में सक्षम है।और ये अभिलाषाएं  ईश्वर से प्रसाद रूप ग्रहण को अधिकार का रूप भी  देती है।हम भक्ति के रास्ते माया में फसें रह जाते है।येही सोचते सोचते मैं ईश्वर से मांगने लगा कुछ दींन रूप मे।
हे ईश्वर मैं तेरा उदंड बालक हूँ।
नही आता मुझे कोई सीधा रास्ता न समझ दुनिया की।
जहां देखो बंधनो का द्वार मुझे रोकता है और मैं फांदता भाग जाता ।
हे ईश्वर दे मुझे अपनी भक्ति का कुछ अंश।
हे ईश्वर दे मुझे अपनी आसक्ति में कुछ छंद।
हे ईश्वर दे मुझे मुक्ति सब लालसाओं से।
हे ईश्वर दे मुझे मुक्ति सब क्रोधो से।
हे ईश्वर दे मुझे मुक्ति सब झूठों से।
हे ईश्वर दे मुझे मुंक्ति सब आलस्यों से।
हे ईश्वर दे मुझे मुक्ति सब वैमन्सयों से।
हे ईश्वर दे मुझे मुक्ति सब अभिलाषाओं से।
हे ईश्वर दे मुझे मुक्ति सब अंधेरों से।
हे ईश्वर दे मुझे मुक्ति सब अधिकारों से।
हे ईश्वर दे मुझे मुक्ति सब कुविचारों से।
हे ईश्वर दे मुझे मुक्ति सब दलिद्रों से
हे ईश्वर दे मुझे मुक्ति सब संग्रक्षणो से।
है ईश्वर एक जगह दे दे बस अपने पहलू में।
जहां न मैं किसी का दिल दुखा सकू
न लोभ कर सकूं।
पर तेरे स्मरण से सब दुर्विचारों का मर्दन कर्क सकूं।
अपने भीतर छुपे ईश्वर अंश को खोज सकूं।
तेरे ज्ञान की राह पे चल एक तो इंसान बन सकूं।
जय हिंद।
💫****🙏🏼****✍🏼
शुभ रात्रि।
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