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जब भी हम उदास होते है तुम दिल के आस पास होते हो।
तेरी मुस्कुराहटें मेरे सारे गम भुला देती है।
क्या होते हैं वो पल भी जो तेरे एहसास लाते है।
जब भी हम उदास होते है तो तुम दिल के आस पास होते हो।
दिल बेकरार होता है न जाने तुम से क्या चाहता है।
ये उदासी यू ही छटती है जो तुम दिल के पास होती हो।
कुछ देर तुम दिल से दूर होती हो मन उदास होता है।
तेरी दूरी के एक एहसास से हम उदास होते है।
न जाने कोन से अनजाने अपने पास होते है।
तेरे दूर जाने से ही मन पशेमान होता है।
लगता है के हमने कुछ तो गलत किया होगा।
फिर ये एहसास क्यों होते है तुम अगर पास होते हो।
जब भी हम उदास होते है तुम दिल के आस पास होते हो।
तेरी राहो में हम इन्ज़ार सदा करते है तेरी इनायत के लिये।
तुझे क्या बताएं हम कितनी तमन्नाएं बसाई है इस दिल मे।
इसी ख्याल से जब भी कभी उदास होते है तो तुम दिल आस पास होती हो।
जय हिंद।
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शुभ रात्रि।
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🌹🙏❣❣❣❣❣🇮🇳❣❣❣❣❣✍🌹 भारतीय संविधान भाग 9 अनुच्छेद 243 घ। 243 घ. स्थानों का आरक्षण–(1) प्रत्येक पंचायत में– (क) अनुसूचित जातियों ;और (ख) अनुसूचित जनजातियों, के लिए स्थान आरक्षित रहेंगे और इस प्रकार आरक्षित स्थानों की संख्या का अनुपात , उस पंचायत में प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा भरे जाने वाले स्थानों की कुल संख्या से यथाशकक़्य वही होगा जो उस पंचायत क्षेत्र में अनुसूचित जातियों की अथवा उस पंचायत क्षेत्र में अनुसूचित जनजातियों की जनसंख्या का अनुपात उस क्षेत्र की कुल जनसंख्या से है और ऐसे स्थान किसी पंचायत में भिन्न-भिन्न निर्वाचन क्षेत्रों को चक्रानुक्रम से आबंटित किए जा सकेंगे। (2) खंड (1) के अधीन आरक्षित स्थानों की कुल संख्या के कम से कम एक-तिहाई स्थान, यथास्थिति , अनुसूचित जातियों या अनुसूचित जनजातियों की स्त्रियों के लिए आरक्षित रहेंगे । (3) प्रत्येक पंचायत में प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा भरे जाने वाले स्थानों की कुल संख्या के कम से कम एक-तिहाई स्थान (जिनके अंतर्गत अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों की स्त्रियों के लिए आरक्षित स्थानों की संख्या भी है) स्त्रियों के लिए ...
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