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कभी हम ये सोचते है तेरे साथ बीते पल कितने हसीन है।
जब तू देख के मुस्कुराती है।
जब तू देख के नखराती है।
जब तू देख के शर्माती है।
सच पूछो तो ये पल मेरे सबसे हसीन है।
तेरे चेहरे की ये रौनक।
तेरे चेहरे की ये रंगत।
तेरे चेहरे का ये रोशन।
सच पूछो तो मुझको बहुत लुभाता है।
तेरे साथ ये खूबसूरत पल।
तेरे आगोश में समय का हर पल।
तेरे साथ नाचने गाने के ये पल।
न पूछो मुझे कितना अपनी और बुलाते है।
तेरे साथ गुजारा ये वक़्त ।
तेरे साथ घूमते बीते वो क्षण ।
तेरे साथ खाये ठंडी हवाओं के वो झोंके ।
बस न पूछो ये मेरे जीवन के सबसे हसीन है ये पल।
कभी हम ये सोचते है तेरे साथ बीते पल कितने हसीन है।
तेरी और खींचते बस सबसे हसीं रंगीन है ।
जय हिंद।
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शुभ रात्रि।
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🌹🙏💫💫💫💫💫💫💫🇮🇳💫💫💫💫💫💫💫🌹✍️ बीते तीन चार दिनों मैं पारिवारिक यात्रा पे रहा। ससुराल के सुख का आनंद लिया। और कुछ अपने संबंधियों से मुलाकात भी की। मैं अपने जन्मस्थान पे हमेशा जाता हूं और वहां भी गया। वहां मेरी रूह बसती है। हां वहां भी गया जहां जाकर मुझे आत्मिक शांति और अध्यात्म का अनुभव होता है। मां मुझे अपने दर पे आने देती है। मेरे मन की सभी तृष्णाएं और सब अहंकार वहां हवन कुंड में स्वाह हो जाते है। मैं "मां श्री नयना देवी जी" की बात कर रहा हूं। और ये सत्य है । आप की जहां श्रद्धा आस्था होती है ये सब अपने आप दूर हो जाते है। और एक बात , ईश्वर सब को समय समय पे आइना किसी न किसी रूप में दिखाते रहते है। आस्थावान को इशारा मिलता है और सुधार होता है। बाकी की आंख पे पट्टी बंध जाती है। आज महाभारत में दिए ज्ञान को समझने की जरूरत है। जान लीजिए भगवान स्वयं अपने भक्तों का अभिमान दूर करते हैं , फिर वह चाहे उनकी अर्धागिनी सत्यभाभा हों, प्रिय गोपियां हों, अभिन्न मित्र अर्जुन हो, वाहन गरुड़ हो या भक्त नारद हो । भगवान अकिंचन को ही प्राप्त होते हैं अभिमानी को नहीं। अर...
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