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नामाकूल लोग।

🌹🙏❣❣❣❣❣🇮🇳❣❣❣❣❣✍🌹
आज कल लोग बहुत नामाकूल हो गये है।
कमबख्त आहे बगाहे धमकाते नज़र आते है।
जिसे देखो चौधराहट चढ़ी नज़र आती है।
सिर्फ अपनी बात ही सही नज़र आती है।
अबे ओ नामकूलो बीवी पे ये दिखाओ तो जरा।
छट्टी का दूध न याद आ जाये तो बताओ जरा।
रात छोड़ दिन भी काला न हो जाये तो बताओ जरा।
तुम्हारी दाल सूप न बन जाये बताओ तो जरा।
चाय का भी मूत न हो जाये समझाना तो जरा।
जलीं रोटियों का स्वाद मजा भी बताना तो जरा।
बिना इस्त्री के वस्त्र का आनंद लेना तो जरा।
एक शब्द  बोलो उसके के हज़ार सुनना तो जरा।
सोमरस का जूस कैसे बनता है देखना तो जरा।
बिना पिये नशा कैसे चढ़ता है समझना तो जरा।
न समझ आये तो बीवी से पंगा दुबारा लेना तो जरा।
फसबुकिये दबंग बनते हो फालतू बाते बनाते हो जरा।
इसलिए आज कल लोग बहुत नामाकूल हो गये है।
कमबख्त आहे बगाहे धमकाते नज़र आते है।
जिसे देखो चौधराहट चढ़ी नज़र आती है।
सिर्फ अपनी बात ही सही नज़र आती है।
न समझ आया तो कोई बात नही तो जरा।
बस मेरे ये शब्द भाभी जी को सुना देना तो जरा।
इसलिए कहता हूँ पहले घरवाली से निपटो फिर मेरे पास आना तो जरा।
पता है न निपटो  गे न........समझ गये न जरा।
जय हिंद।
✨🌟💫****🙏****✍
शुभ रात्रि।
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