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मजे की बात है हर घर सास बहु का राज है।
दोनों में वर्चस्व की लड़ाई सदियों से लगी हुई है।
दोनों को भी एक नौकरी पक्की मिली हुई है।
सुबह शाम एक दूसरे के खिलाफ स्कीम बनी हुई है।
दोनों के दिमाग की चकरी सदा चलायमान हुई है।
एक अपने तजुर्बे को हथियार बनाये हुए है।
दूजी अपने अधिकार की रक्षा हेतु हथियार उठाये हुए है।
दोनों के तरकश में कई अस्त्र शक्ति रूप समाये हुए है।
दोनों के पास एक ब्रह्मास्त्र भी सुरक्षित रखे हुए है।
दोनों और से शक्तियां रोज छूटती है और लड़ कर अलोप हो जाती है।
ये देख सास बहु एक दूसरे के गुणगान करती पायी जाती है।
मौका छूट न जाये इसलिए टोह भी लेती जाती है।
समय असमय जब मौका लगे शक्तियाँ एक दूसरे पे छोड़ दो जाती है।
हद तो ये है दोनों सीमाएं सुरक्षित रखने को हर पल ततपर पायी जातीं है।
जिसे मौका लगे मिसाइल अटैक करता है दूसरा भी पेट्रियाटिक छोढ़ता है।
युद्ध कभी भी कहीं भी छिड़ सकता है मौका तलाशा हर वक़्त जाता है।
दोनों की सीमाओं पे एक शख्स सफेद फ्लैग लिए खड़ा रहता है।
कुछ भी हो दोनों अपने युद्ध को यही रोक देती है।
इंतज़ार होता है ये इधर उधर हो तो लंका भेद दी जाये।
मजबूर प्रहरी सदा दोनों और नज़र गड़ाये रहता है।
बस ये समझ लो वो भी नज़ारे दोनों तरफ लेता रहता है।
सुख की बंसी दोनों को सुनाये येही सलाह देता रहता है।
युद्ध अनर्थ है घर का अच्छा माहौल ध्वस्त है समझ लो जिंदगी व्यर्थ है।
शक्तियां बापिस तरकश में लो और प्रेम काअस्त्र फेंको।
कुछ हो न हो सुख के दो दिन चैन की बंसी बजा लो।
जय हिंद।
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शुभ रात्रि।
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🌹🙏❣❣❣❣❣🇮🇳❣❣❣❣❣✍🌹 भारतीय संविधान भाग 9 अनुच्छेद 243 घ। 243 घ. स्थानों का आरक्षण–(1) प्रत्येक पंचायत में– (क) अनुसूचित जातियों ;और (ख) अनुसूचित जनजातियों, के लिए स्थान आरक्षित रहेंगे और इस प्रकार आरक्षित स्थानों की संख्या का अनुपात , उस पंचायत में प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा भरे जाने वाले स्थानों की कुल संख्या से यथाशकक़्य वही होगा जो उस पंचायत क्षेत्र में अनुसूचित जातियों की अथवा उस पंचायत क्षेत्र में अनुसूचित जनजातियों की जनसंख्या का अनुपात उस क्षेत्र की कुल जनसंख्या से है और ऐसे स्थान किसी पंचायत में भिन्न-भिन्न निर्वाचन क्षेत्रों को चक्रानुक्रम से आबंटित किए जा सकेंगे। (2) खंड (1) के अधीन आरक्षित स्थानों की कुल संख्या के कम से कम एक-तिहाई स्थान, यथास्थिति , अनुसूचित जातियों या अनुसूचित जनजातियों की स्त्रियों के लिए आरक्षित रहेंगे । (3) प्रत्येक पंचायत में प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा भरे जाने वाले स्थानों की कुल संख्या के कम से कम एक-तिहाई स्थान (जिनके अंतर्गत अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों की स्त्रियों के लिए आरक्षित स्थानों की संख्या भी है) स्त्रियों के लिए ...
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