🌹🙏❣❣❣❣❣🇮🇳❣❣❣❣❣✍🌹
नादानियां बहुत है जिंदगी की किसे देखें किसे छोड़े।
आज़ाद तो हुए हम मगर तन्हा तन्हा किसे पकड़े किसे छोड़े।
ख्वाईशें बहुत है इस जिंदगी से किसे जियें किसे छोड़े।
मासूमियत भी भरी है जिंदगी में किससे कहें कैसे छोड़े।
हैवानियत कभी सवार होती है कैसे निकालें कैसे छोड़े।
जख्म बहुत लिए क्यों दिखाएं क्यों न दिखाएं बस छोड़े।
सीखने को बहुत मिला जिंदगी किसे सीखे किसे छोड़े।
दुआएं बहुत ली और दी कब लगी नही लगी चलो छोड़े।
मकसद बहुत बनाये जिंदगी कब पूरे हुए अधूरे रहे छोड़े।
रिश्तों की कमान कई बार हाथ आयी फिसली चलो छोड़े।
मन दौड़ता रहा पकड़ने की कोशिश करते रहे चलो छोड़े।
मुरादें लेकर समय बहुत मुक़दस आया गया चल छोड़े।
रहम तक़दीर से बहुत हुए न हुए चलते रहे चल रे छोड़े।
इनाम बरबस आ खड़े हुए अचानक फुर्र हुए चल छोड़े।
नेमते बहुत थी जिंदगी में मिलती छूटती गयी चल छोड़े।
यारियां दिल से लगी कब छूटी कब टूटी रूठी चल छोड़े।
रश्क बहुत हुए जिंदगी में कब घटे कब बड़े चल छोड़े।
दीन बहुत दिखे जिंदगी में कृपा मिली न मिली चल छोड़े।
खुशियों ने दामन हर बार थामा हर बार झटका चल छोड़े।
इतने रंगों से सरोवार है जिंदगी कुछ लगे कुछ छूटे चल छोड़े।
रंगों को त्यौहार फिर आया है चलो रलमिल मना के छोड़े।
जिंदगी के रंगों को गुलाल बना उड़ा के मन की कर छोड़े।
जो रंग हवा हो गये उनको छोड़ तन भी भीगा भीगा के छोड़े।
होली का त्यौहार है दोस्तों चल रंगों से मौज मना के छोड़े।
हैप्पी होली।
जय हिंद।
****🙏****✍
शुभ रात्रि।
🌹🌹🌹🌹🌹❣🌹🌹🌹🌹🌹
🌹🙏❣❣❣❣❣🇮🇳❣❣❣❣❣✍🌹 भारतीय संविधान भाग 9 अनुच्छेद 243 घ। 243 घ. स्थानों का आरक्षण–(1) प्रत्येक पंचायत में– (क) अनुसूचित जातियों ;और (ख) अनुसूचित जनजातियों, के लिए स्थान आरक्षित रहेंगे और इस प्रकार आरक्षित स्थानों की संख्या का अनुपात , उस पंचायत में प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा भरे जाने वाले स्थानों की कुल संख्या से यथाशकक़्य वही होगा जो उस पंचायत क्षेत्र में अनुसूचित जातियों की अथवा उस पंचायत क्षेत्र में अनुसूचित जनजातियों की जनसंख्या का अनुपात उस क्षेत्र की कुल जनसंख्या से है और ऐसे स्थान किसी पंचायत में भिन्न-भिन्न निर्वाचन क्षेत्रों को चक्रानुक्रम से आबंटित किए जा सकेंगे। (2) खंड (1) के अधीन आरक्षित स्थानों की कुल संख्या के कम से कम एक-तिहाई स्थान, यथास्थिति , अनुसूचित जातियों या अनुसूचित जनजातियों की स्त्रियों के लिए आरक्षित रहेंगे । (3) प्रत्येक पंचायत में प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा भरे जाने वाले स्थानों की कुल संख्या के कम से कम एक-तिहाई स्थान (जिनके अंतर्गत अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों की स्त्रियों के लिए आरक्षित स्थानों की संख्या भी है) स्त्रियों के लिए ...
Comments
Post a Comment