Skip to main content

खाना जालंधर दा।

🌹🙏❣❣❣❣❣🇮🇳❣❣❣❣❣✍🌹
पंजाब में बहुत अच्छे अच्छे शहर है।सब की अपनी अपनी खूबियां है।कुछ के नाम दुनिया जानती है। लुधियाना जालंधर अमृतसर दुनिया मे जाने जाते है।और एक चीज़ भारत वर्ष में पंजाब ने मशहूर कर दी है वो है ढाबा। ढाबा शब्द पंजाब से निकल कर पूरे भारतवर्ष में फैल गया।इसका श्रेय यहां के मेहनती ट्रक चालकों को जाता है।खैर आज जालंधर के सफर पे था।खाना पीना आदतन नई जगह देखता है।तो आज भी सोच कोई नई जगह खाना खाया जाये। दोपहर के डेढ़ बजे रहे थे। नाश्ता सुबह 7 बजे किया था।चूहे पेट मे दौड़ रहे थे।तो जालंधर स्टेशन के आसपास कोई अच्छी जगह जाया जाये।हमारे सहकर्मी हमे एक ढाबे पे ले गये। सेंट्रल टाउन जालंधर।जगह थी सैनिकस मणी वेजेटेरियन ढाबा।ये यहां की लोकल चेन समझ लीजिए। शायद चार पांच आउटलेट है।वहां पहुंचे तो साफ सुथरा छोटा सा बैठने का स्थान।सामने बुफे लगा हुआ।आप अपनी पसंद से मेनू में भी ले सकते है।खैर अपनी आदत हमेशा मशहूर को लेती है।वहां का बुफे मशहूर है। मात्र 120 रुपए प्रति थाली। अब आप पर्ची कटवाओ और थाली प्राप्त करो।सामने खीरा प्याज़ सलाद हरी मिर्च और आचार। अब बुफे पे आ जाईये । जीरा राइस , कढ़ी पकोड़ा , दाल मखनी , गोभी मसाला , पंजाबी छोले , शाही पनीर , फिर और आगे बढ़ो दही भल्ले। ओए बल्ले बल्ले । प्लेट शादी पे भोज की तरह भरी।और छकने लगे। दाल चावल ने आनंद ला दिया।
स्वाद मशाहलह मजा आ गया। तभी गरम गरम रोटी लच्छा परांठा और नान ।क्या बात है भाई। दही भल्ले लाजबाब। छोले बनाने पंजाबी ही जानते है।पकोड़ों वाली कड़ी चावल की प्लेट ही साफ हो गयी। जी भर खाओ।जिनता भी खाओ कोई रोक नही।गजब मजा आया जनाब।सभी का आनंद लिया।उत्तम खाना। सफाई वाली जगह। आज फिर तृप्ति का आभास हुआ।आनंद कहने को मन हुआ।हाथ धोये और सामने सौंफ और नारियल मिली गुड़ शक्कर।जनाब टेस्ट आ गया। बीस मिनट में फटाफट लंच हो गया और हम अपने काम पे निकल पड़े।जालंधर खान पान के मुकाबले में उत्तम शहर है।पंजाब में कुछ कहावत भी है " रहना खाना जालंधर दा कमाना लुधियाने दा" । तो दोस्तो आप समझ ही गये होंगे। जालंधर आये तो पंजाबी खाने का पूर्ण लुत्फ ले और ढाबे की तमीज़ जरूर समझे। पैसे बचें सो अलग। आइये कभी जालंधर और पंजाबी खाने का लुत्फ लीजिये।
जय हिंद।
💫🌟✨****🙏****✍
शुभ रात्रि।
🌹🌹🌹🌹🌹❣🌹🌹🌹🌹🌹

Comments

Popular posts from this blog

भारतीय संविधान भाग 9 अनुच्छेद 243 घ।

🌹🙏❣❣❣❣❣🇮🇳❣❣❣❣❣✍🌹 भारतीय संविधान भाग 9 अनुच्छेद 243 घ। 243 घ. स्थानों का आरक्षण–(1) प्रत्येक पंचायत में– (क) अनुसूचित जातियों ;और (ख) अनुसूचित जनजातियों, के लिए  स्थान आरक्षित रहेंगे और इस प्रकार आरक्षित स्थानों की संख्या का अनुपात , उस पंचायत में प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा भरे जाने वाले स्थानों की कुल संख्या से यथाशकक़्य वही होगा जो उस पंचायत क्षेत्र में अनुसूचित जातियों की अथवा उस पंचायत क्षेत्र में अनुसूचित जनजातियों की जनसंख्या का अनुपात उस क्षेत्र की कुल जनसंख्या से है और ऐसे स्थान किसी पंचायत में भिन्न-भिन्न निर्वाचन क्षेत्रों को चक्रानुक्रम  से आबंटित किए जा सकेंगे। (2) खंड (1) के अधीन आरक्षित स्थानों की कुल संख्या के कम से कम एक-तिहाई स्थान, यथास्थिति , अनुसूचित जातियों या अनुसूचित जनजातियों की स्त्रियों के लिए आरक्षित रहेंगे । (3) प्रत्येक पंचायत में प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा भरे जाने वाले स्थानों की कुल संख्या के कम से कम एक-तिहाई स्थान (जिनके अंतर्गत अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों की स्त्रियों के लिए आरक्षित स्थानों की संख्या भी है) स्त्रियों के लिए  ...

और मुस्कुराना तो है ही।

💐क्या कहें किससे कहें।सब तरफ अपने आप से सब मशगूल हैं ।सब इस तरह की हम कमोबेश काम से ही नज़र आतें है। दौड़ती है जिंदगी कुछ इस रफ्तार से के हम पीछे से छूटे जाते है। कहें दिल की किसस...

भारतीय संविधान भाग 5 अनुच्छेद 52 से 62।

🌹🙏❣❣❣❣❣🇮🇳❣❣❣❣❣✍🌹 भारतीय संविधान भाग 5 अनुच्छेद 52 से 62 तक आज हम बात करेंगे।संक्षिप्त में इस भाग को जान लेते है। भाग 5:-इस भाग में अनुच्छेद 52 से 151 तक शामिल है। भारत के राष्ट्रपत...