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पैसा पैसा पैसा बहुत काम का ये पैसा बस।
हर शख्श इसके आगे पीछे भागता रहता बस।
बड़े काम हर काम जीवन मे सबके आता बस।
इंसानो की इज़ाद इंसानो पे ही हावी होता बस।
पैदा होने से मरने तक का पूरा साथ निभाता बस।
बचपन से बड़े होने की कवायत में संग रहता बस।
इसे प्राप्ति के साधन वश ज्ञान दिलाया जाता बस
हर माँ बाप अपने बच्चों को दौलतमंद देखते बस।
कुदरत की सब नेमतों से हमेशा मुह फेर लेते बस।
हर पाठ जीवन का पैसे को लेकर पढ़ाया जाता बस।
कुछ भी पढ़ लो कर लो अंतिम लक्ष्य येही होता बस।
ये ना मिले तो माँ बाप को बेहद दुख लग लेता बस।
शादी ब्याह में इसको खूब तोल मोल देखा जाता बस।
सुखी भविष्य का आगाज़ कटोरा ले लगाया जाता बस।
हर रिश्ते में मुख्य आकर्षण सदैव ये ही रहता बस।
इसी को देख हृदय विवश सब निभाया जाता बस।
दोस्ती के अंत मे सुदामा को भी यही कराती है बस।
इसके भोग से क्या कोई ईश्वर अछूता रहा?
क्या कोई मंदिर इसके प्रभाव से अभागा रहा?
क्या कोई साधु संत महंत इसका त्याग कर पाया?
क्या कोई मठाधीश महामंडलेश्वर इसका मोह त्याग पाया?
हर और हर तरफ इसकी ही चर्चा है बस।
घूम फिर के हर बात इसपे ही अड़ी है बस।
तुम त्यागो मुझे दे जाओ हर और हो रहा बस।
पैसे का खेल हर और खेला जा रहा है बस।
पैसा जरूरी नही पर इसके बिना गुजारा भी नही।
सब की आंखें इसपे हर समय गड़ी है बस।
जिसकी झोली में जितना भी हो कम ही है बस।
कोई सीमा बांधी नही जिसने कमाया नही वो है भी नही बस।
बहुत विचारा बहुत सोचा फिर सोचा के क्यों सोचा।
कर्म की दो सुख की रोटी बेहद अच्छी है बस।
कर्म वश जो मिला वो तेरा फल है बच्चे बस।
भोग लगा और तृप्त हो जा येही कामना है बस।
नही तो मान ले येही कहता मिलेगा मन से बतियाता मिलेगा...
पैसा पैसा पैसा बहुत काम का ये पैसा है बस।
जय हिंद।
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शुभ रात्रि।
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🌹🙏❣❣❣❣❣🇮🇳❣❣❣❣❣✍🌹 भारतीय संविधान भाग 9 अनुच्छेद 243 घ। 243 घ. स्थानों का आरक्षण–(1) प्रत्येक पंचायत में– (क) अनुसूचित जातियों ;और (ख) अनुसूचित जनजातियों, के लिए स्थान आरक्षित रहेंगे और इस प्रकार आरक्षित स्थानों की संख्या का अनुपात , उस पंचायत में प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा भरे जाने वाले स्थानों की कुल संख्या से यथाशकक़्य वही होगा जो उस पंचायत क्षेत्र में अनुसूचित जातियों की अथवा उस पंचायत क्षेत्र में अनुसूचित जनजातियों की जनसंख्या का अनुपात उस क्षेत्र की कुल जनसंख्या से है और ऐसे स्थान किसी पंचायत में भिन्न-भिन्न निर्वाचन क्षेत्रों को चक्रानुक्रम से आबंटित किए जा सकेंगे। (2) खंड (1) के अधीन आरक्षित स्थानों की कुल संख्या के कम से कम एक-तिहाई स्थान, यथास्थिति , अनुसूचित जातियों या अनुसूचित जनजातियों की स्त्रियों के लिए आरक्षित रहेंगे । (3) प्रत्येक पंचायत में प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा भरे जाने वाले स्थानों की कुल संख्या के कम से कम एक-तिहाई स्थान (जिनके अंतर्गत अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों की स्त्रियों के लिए आरक्षित स्थानों की संख्या भी है) स्त्रियों के लिए ...
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