Skip to main content

त्याग।

🌹🙏❣❣❣❣❣🇮🇳❣❣❣❣❣✍🌹
साम दंड भेद सबसे रहें सचेत।
काम क्रोध क्षोभ से रहे विदेश।
झूठ कपट धोखे से रहे सचेत।
अपमान तृस्कार से रहें विदेश।

भूख तृष्णा लालच का करें त्याग।
घृणा दूरी नफरत का करे त्याग।
अमानवीयता कुकर्म करें त्याग।
द्वेष बैर विभसत्ता का करें त्याग।

अमर्यादित अनुचित शब्द को दो त्याग।
अव्यवहारिक आचरण को दो त्याग।
कर्जा उधार सब का पूरा करो फिर त्याग।
दम्भ मूड मैं बिना सोचे दो अब त्याग।

प्रेम का एक ही मूल वो है बस त्याग।
चिंताओं से मुक्ति आधार बस त्याग।
रिश्तों की समृद्धि मांगे तो बस त्याग।
हृदय मजबूत आत्मा तृप्त देखो त्याग।

मन प्रसन्न चित मुक्त भ्रम दूर करे त्याग।
एक चुप्प सौ सुख में भी छिपा त्याग।
हर अन्याय से दूर करता है ये त्याग।
मन पढ़ो खुद से बात करो मिलेगा त्याग।

जय हिंद।
✨💫🌟****🙏****✍
शुभ रात्रि।
❣❣❣❣❣🌹❣❣❣❣❣

Comments

  1. नुस्ख़ा बहुत बड़ा है
    बहुत अच्छा भी है
    जटिल भी कम नहीं.
    हे परमेश्वर ! तू ही एक पुड़िया जीभ पर उड़ेल दे तो भला हो जाए.
    सिर्फ तू ही.

    ReplyDelete

Post a Comment

Popular posts from this blog

भारतीय संविधान भाग 9 अनुच्छेद 243 घ।

🌹🙏❣❣❣❣❣🇮🇳❣❣❣❣❣✍🌹 भारतीय संविधान भाग 9 अनुच्छेद 243 घ। 243 घ. स्थानों का आरक्षण–(1) प्रत्येक पंचायत में– (क) अनुसूचित जातियों ;और (ख) अनुसूचित जनजातियों, के लिए  स्थान आरक्षित रहेंगे और इस प्रकार आरक्षित स्थानों की संख्या का अनुपात , उस पंचायत में प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा भरे जाने वाले स्थानों की कुल संख्या से यथाशकक़्य वही होगा जो उस पंचायत क्षेत्र में अनुसूचित जातियों की अथवा उस पंचायत क्षेत्र में अनुसूचित जनजातियों की जनसंख्या का अनुपात उस क्षेत्र की कुल जनसंख्या से है और ऐसे स्थान किसी पंचायत में भिन्न-भिन्न निर्वाचन क्षेत्रों को चक्रानुक्रम  से आबंटित किए जा सकेंगे। (2) खंड (1) के अधीन आरक्षित स्थानों की कुल संख्या के कम से कम एक-तिहाई स्थान, यथास्थिति , अनुसूचित जातियों या अनुसूचित जनजातियों की स्त्रियों के लिए आरक्षित रहेंगे । (3) प्रत्येक पंचायत में प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा भरे जाने वाले स्थानों की कुल संख्या के कम से कम एक-तिहाई स्थान (जिनके अंतर्गत अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों की स्त्रियों के लिए आरक्षित स्थानों की संख्या भी है) स्त्रियों के लिए  ...

और मुस्कुराना तो है ही।

💐क्या कहें किससे कहें।सब तरफ अपने आप से सब मशगूल हैं ।सब इस तरह की हम कमोबेश काम से ही नज़र आतें है। दौड़ती है जिंदगी कुछ इस रफ्तार से के हम पीछे से छूटे जाते है। कहें दिल की किसस...

जर जोरू जमीन।

🌹🙏🏼🎊🎊🎊🎊🎊🎊🎊✍🏼🌹 बड़ी पुरानी बात चली आयी है दुनिया में तीन ही चीजों को लेकर झगड़ा है "जर जोरू और जमीन" । बड़े ध्यान से आस पास होते घर परिवार समाज में  ज्यादतर झगड़ों का कारण ये ही ...