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ए मुल्क।

🌹🙏❣❣❣❣❣🇮🇳❣❣❣❣❣❣✍
ए मुल्क तुझे भी मेरी जरूरत है।
तेरी हर सरहद पे मेरी नज़र पूरी है।
कोई आंख जो उठाए उम्र उसकी पूरी है।
जोश की मुझमे भी कोई कमी नही है।
तेरी हर सरहदों पे समझलो पहरेदारी मेरी है।
जान हथेली पे लेकर हर वक़्त जो चलता हूँ।
तेरी हर टीस को दिल से लगाता हूँ।
तेरे हर दर्द को अपना बनाता हूँ।
तेरी तक़दीर में अपने को ही पाता हूँ।
सोते जागते तुझे अपनी माँ बताता हूँ।
तेरी खुशबू से महकता तुझे पूजता हूँ।
अपनी हर ख्वाइश में तुझे ही पाता हूँ।
कुछ भी कर लूं तेरे इर्दगिर्द मंडराता हूँ।
मेरे हर सुखों की करणी धरती तूँ ही है।
तेरे हर हिस्से को अपने खून से सींचता हूँ।
ये निगाहें सदा तेरी रक्षा में बस टिकी है।
मुझे हर रण के लिए तैयार करती रहती है।
कोई नज़र क्या तुझपे उठाएगा।
जिसने जुर्रत की चूर चूर हो जायेगा।
ये ही मेरी प्रतिज्ञा है तेरी सरहदें सुरक्षित है।
ए मुल्क तुझे भी मेरी जरूरत है।
दुश्मन एक बात समझ ले आज।
तेरी हर सरहद पे नज़र मेरी पूरी है।
जय हिंद।
💫⚡🌟✨****🎸****✍
शुभ रात्रि।
❣❣❣❣❣❣🙏❣❣❣❣❣❣

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