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साहेब की व्यंगशाला। आंसू।

🌹🙏🏻❣❣❣❣❣❣🇮🇳❣❣❣❣❣❣✍🏻🌹
साहेब:निर्मले!
निर्मला: जी साहेब
साहेब:निर्मले!
निर्मला: जी साहेब
साहेब: निर्मले!
निर्मला : जी साहेब कुछ तो उगलिये।
साहेब: निर्मले हाये क्या से क्या हो गया अजीत बेबफा हो गया।
निर्मला: न साहेब रोईए मत।
साहेब: निर्मले हाये क्या से क्या हो गया फंडू मेरा पिट गया।
निर्मला : साहेब इतना रुदन ठीक नही।
साहेब: निर्मले हाये क्या से क्या हो गया शेर बेशर्म खा गया।
निर्मला : साहेब प्लीज रोईए मत।
साहेब: निर्मले हाये क्या से क्या हो गया 105 का पत्ता साफ हो गया।
निर्मला: इतना न रोएं आप वरना मैं भी रो दूंगी।
साहेब: निर्मल हायेे क्या से क्या हो गया अमित कहां खो गया।
निर्मला: देखो साहेब अब मैं सह नही पा रही हूँ।
साहेब : निर्मले हाये क्या से क्या हो गया अमित का गुरु पैदा हो गया।
निर्मला : साहेब मत रोइये भक्त आहत हो जायेंगे।
साहेब : निर्मले हाये क्या से क्या हो गया    ये तलाक़ हो गया।
निर्मला : साहेब ये क्या कह रहे है हम कोन मुसलमान है। मत रोइये न।
साहेब : निर्मले हाये क्या से क्या हो गया  दो दिन में भांडा फूट गया।
निर्मला: साहेब आप रोईए मत फूटने दो निगोड़े को। था ही इस लायक।
साहेब: निर्मले हाये क्या से क्या हो कोशियारी कोष भारी हो गया।
निर्मला: साहेब प्लीज रोना बंद कीजिए नही तो अमित आ जायेगा।
साहेब: निर्मले हाये क्या से क्या हो गया भजपा का बालतोड़ हो गया।
निर्मला : चुप भी हो जाइए अब ।कितना रोयेंगे।
साहेब होश संभालते हुए: निर्मले तुम यहाँ क्या कर रही हो।
निर्मला: आप को चुप्प करा रही थी।
साहेब ; निर्मले मुझे क्या हुआ?
निर्मला: आप ऊँ ऊँ कर रहे थे।
साहेब: निर्मले तुम कितना और रुलाओगी?
निर्मला : मैंने कब रुलाया साहेब?
साहेब : निगोड़ी कर्मजली ये में रो नही रहा था ये प्याज़ के आंसू है प्याज़ के। जो तू मेरे पास खड़ी होकर काट रही है
निर्मला: हैं ? साहेब पासवान को अभी भेजती हूँ।
साहेब : निर्मले अब जाती हो या प्याज़ मैं काटूं?
निर्मला : समझो मैं गयी पासवान आयी जिसने आप की खटिया खड़ी कराई।आप को रुलाई।
साहेब: क्या?
निर्मला: कुछ नही साहेब ।आप की समझ वमझ में आयेगा नही । शरद ऋतु है । चाय भेजती हूँ।
साहेब: है?
निर्मला : जी साहेब दिल्ली में ठंड ज्यादा है। शरद ऋतु साहेब शरद ऋतु।
समझे।
साहेब: है?
निर्मला चाय भेज रही है पासू के प्याज़ और तीखे हो रहे है।साहेब का रुदन और बढ़ रहा है।देखते है आगे क्या।होता है।अभी तो साहेब को शरद ऋतु लगी है।

जय हिंद।
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शुभ रात्रि।
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