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आमची मुम्बई च वड़ा पाव

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पिछले हफ्ते बहुत लंबे समय बाद मुंबई जाने का अवसर मिला। सुबह से काम मे जुटे तो दोपहर हो गयी। जगह चैंबूर और सामने ताड़ी का फल तो आप समझ ही गये होंगे फल छिलवाने में देर नही की 50 रुपए के चार छिले फल के पीस । मुंबई की सारी उमस भीतर समेट दी । फिर खाने का समय था तो लंच एट मुनीश रेस्टारेंट हो गया। 120 रुपया की दक्षिण भारतीय थाली। खाना बेहद स्वादिष्ट था। फिर यात्रा हुई डोम्बिवली की। शाम तक काम से निपटे तो अपने पेट ने मुंबई के वड़ा पाव को याद किया। सहकर्मी साथ थे तो ऐसा तो हो नही सकता मुम्बईकर साथ हो और गर्मागर्म वडा पाव खाने को न मिले। तो जनाब अगर आप शाम के समय डोम्बिवली ईस्ट इलाके में है तो पहुंच जाइये S K Snacks , बस स्टैंड गॉव देवी शॉपिंग सेंटर  सुदामा नगर MIDC डोम्बिवली ईस्ट में। ये यहां की मशहूर दुकान है। वड़ा पाव भजिया साबू दाना वडा मेदू वडा मूंग दाल भजिया । सब गरमा गरम । एक दम फ्रेश।कड़ाई से निकलता हुआ। लाइन लगा के समान मिल रहा था। अपुन तो ठहरे शुगर के मरीज। डॉक्टर धमकाता रहता है। फिर आनंद फ़िल्म का डायलाग याद कर लेते हैं
 "बाबूमोशाय, ज़िन्दगी और मौत ऊपरवाले के हाथ है जहाँपनाह उससे न तो आप बदल सकते हैं न मैं, हमसब तो रंगमंच की कठपुतलियाँ हैं जिनकी डोर ऊपरवाले की उंगलियों में बंधी हैं,कब, कौन, कैसे उठेगा यह कोई नहीं बता सकता है !" 
तो जनाब डॉक्टर की छुटी और वडा पाव की प्लेट आगे। वडा पाव के साथ फेमस लहसुनी लाल मिर्च वाली चटनी और एक टुकड़ा जलेबी का । वाह वाह जी मजा आ गया ।वडा पाव जलेबी का शानदार संयोजन है जैसे की इंदौर के पोहा जलेबी का। बेहतरीन स्वाद । लहसुन मूंगफली लालमिर्च और नारियल से बनी चटनी की बात ही अलग है। एक प्लेट चट और दूसरी हाज़िर पर जलेबी बस पहली प्लेट की। और इसी बीच जनाब राजेश खन्ना का डायलाग भी याद कर लिया और दो प्लेट उड़ा भी ली। तृप्ति भई। ये मुम्बई है मेरी जान ख्याल आ गया और घड़ी देखी तो शाम के आठ बजे लिए। हम असल मे मुम्बई से दूर थे मुझे अंधेरी लौटना था। मुम्बई का जाम कैसे नही मिलता दो किलोमीटर और एक घंटा दस मिनट ने मुम्बई के असल नज़ारे भी दिखा दिये। सो दोस्तो मुम्बई की सड़क सुस्त है मगर लोग चुस्त और वडा पाव मस्त। तो जब भी डोम्बिवली जाये तो एस के स्नैक्स जरूर जाये। आप को पसंद आयेगा। मेरी तरह मधुमेह से ग्रस्त हो तो चिंता न करे राजेश खन्ना के मुह से निकला डायलाग याद करें और मस्त रहे । स्वस्थ रहें।
धन्यवाद।
शुभ संध्या
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जय हिंद
" निर्गुणी"

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