Skip to main content

लोकतंत्र।

🌹🙏❣️❣️❣️❣️❣️❣️❣️🇮🇳❣️❣️❣️❣️❣️❣️❣️✍️🌹
आज का लोकतंत्र कुछ खास हो गया है।
लोगों का समझने का अंदाज भी बदल गया है।
जैसे भैंस के आगे बीन बजाना हो गया है।
पढ़ते पढ़ाते न जाने कहां खो गया है।
कानून की उलझन भरी किताब में गुम हो गया है।
जिसने इसे लिखा था शायद वो भी गम गया है।
चंद शख्सियतों की मुट्ठी में कही दब गया है।
आम भी व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी से इसे पढ़ गया है।
फिर भी लगता है परिपक्व हो गया है।
आम बैठे बिठाए ही बहुत समझदार हो गया है।
एक के नाम पे भी तिलमिला जाता सा गया है।
दूसरे के नाम पे मखौल बहुत उड़ाता पाया गया है।
चूंकि संविधान और लोकतंत्र को बराबर समझ गया है।
मुद्दे गौण हो गए है शख्शियतें बड़ी कर गया है।
"पाइड पाइपर ऑफ हमलिन" की कहानी सा हो गया है।
चूहे की समझ को संगीत में कहीं गुम कर गया है।
मैं मैं का प्रचार हर तरफ शायद बहुत ज्यादा हो गया है।
मैं के बढ़या कद लोकतंत्र का चीर हरण कर गया है।
हे बापू तेरे तीन बंदर कहां है अब?
आज इन्हे कुछ देर सबकी आंखों के सामने बिठा तो दे।
शायद कोई एक सबक सीख जाए या सीखा दे।
और किसी को आजादी या मतलब समझ आ जाए या समझा दे।
कितनी कीमती है ये आजादी इसकी कीमत समझ जाए या समझा दे।
राजनीति का खेल है तो रोज ही खेला जाएगा।
जब घुटन होगी ,जनता द्वारा राजा बाहर किया जाएगा।
परीक्षा तो घुटन की होनी है बस।
ये सचमुच है भी या नही है?
आदमी तो कल भी मजे में था आज भी मजे में है।
देखना ये है" तुम घुटन में हो" ये एहसास कब होता कौन दिलाता है?
हारी हुई जनता को कौन  जगाता है?
असली मुद्दे कौन बताता है ?
लोकतंत्र को बहुत से पहलू तुमको हमको समझाता है।
जिंदा तो इसे रहना ही है बस देखते जाओ गद्दी कौन बचाता है?
ये पब्लिक है प्यारे ये सब जानती है।
पढ़ती भले आजकल व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी से है।
मगर अपना फायदा खूब पहचानती है।
फिर भी एक शौर सुनाई दे रहा है"लोकतंत्र खतरे में है"।
शायद कुछ चेतवानी है?
मगर जरा रुको भाई अभी मैं सो रहा हूं।
नींद में भी भला कोई लोकतंत्र जगाता है।
उठने तो दो फिर इस मेहनत से मिली आजादी का मतलब समझाता हूं।
कल तुझे देखा आज इसे देख रहा हूं तोलना मुझे भी है आता है।
ये न सोचो जनता सो रही है  मैं हूं लोकतंत्र का असली जमाता।
मुझे पूजने हर कोई मेरे दर है आता।
फिर भी आजकल..
आज का लोकतंत्र कुछ खास हो गया है।
लोगों का समझने का अंदाज भी बदल गया है।
जैसे भैंस के आगे बीन बजाना हो गया है।
धन्यवाद।
जी हिंद।
****🙏****✍️
शुभ रात्रि।
"निर्गुणी"
❣️❣️❣️❣️❣️❣️❣️🌹❣️❣️❣️❣️❣️❣️❣️

Comments

Popular posts from this blog

भारतीय संविधान भाग 9 अनुच्छेद 243 घ।

🌹🙏❣❣❣❣❣🇮🇳❣❣❣❣❣✍🌹 भारतीय संविधान भाग 9 अनुच्छेद 243 घ। 243 घ. स्थानों का आरक्षण–(1) प्रत्येक पंचायत में– (क) अनुसूचित जातियों ;और (ख) अनुसूचित जनजातियों, के लिए  स्थान आरक्षित रहेंगे और इस प्रकार आरक्षित स्थानों की संख्या का अनुपात , उस पंचायत में प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा भरे जाने वाले स्थानों की कुल संख्या से यथाशकक़्य वही होगा जो उस पंचायत क्षेत्र में अनुसूचित जातियों की अथवा उस पंचायत क्षेत्र में अनुसूचित जनजातियों की जनसंख्या का अनुपात उस क्षेत्र की कुल जनसंख्या से है और ऐसे स्थान किसी पंचायत में भिन्न-भिन्न निर्वाचन क्षेत्रों को चक्रानुक्रम  से आबंटित किए जा सकेंगे। (2) खंड (1) के अधीन आरक्षित स्थानों की कुल संख्या के कम से कम एक-तिहाई स्थान, यथास्थिति , अनुसूचित जातियों या अनुसूचित जनजातियों की स्त्रियों के लिए आरक्षित रहेंगे । (3) प्रत्येक पंचायत में प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा भरे जाने वाले स्थानों की कुल संख्या के कम से कम एक-तिहाई स्थान (जिनके अंतर्गत अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों की स्त्रियों के लिए आरक्षित स्थानों की संख्या भी है) स्त्रियों के लिए  ...

और मुस्कुराना तो है ही।

💐क्या कहें किससे कहें।सब तरफ अपने आप से सब मशगूल हैं ।सब इस तरह की हम कमोबेश काम से ही नज़र आतें है। दौड़ती है जिंदगी कुछ इस रफ्तार से के हम पीछे से छूटे जाते है। कहें दिल की किसस...

जर जोरू जमीन।

🌹🙏🏼🎊🎊🎊🎊🎊🎊🎊✍🏼🌹 बड़ी पुरानी बात चली आयी है दुनिया में तीन ही चीजों को लेकर झगड़ा है "जर जोरू और जमीन" । बड़े ध्यान से आस पास होते घर परिवार समाज में  ज्यादतर झगड़ों का कारण ये ही ...