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आज का मेवा किशमिश।जब छोटे थे तो सुनते थे बेहतरीन किशमिश अफगानिस्तान से आती है।उस वक़्त पता ज्यादा नही होता ।खाने से मतलब है आये कहीं से भी।फिर एक बार महारष्ट्र जाना हुआ।अंगूरों की जबरदस्त खेती देखी।और फिर मौका लगा साई के दर्शन का।वहां ज्ञात हुआ बहुत लंबे समय से किशमिश यहां बनाई जा रही है।महाराष्ट्र इसमे अग्रणी राज्य है।खैर आज इसी पे संकलित लेख पढ़िये....
किशमिश सूखे अंगूरों को कहा जाता है। पारम्परिक रूप से बड़े अकार के अंगूरों की किशमिश को मुनक्का कहा जाता है।
किशमिशों के वज़न का ६७% से ७२% शक्कर होता है, जो अधिकतर ग्लूकोस और फ़्रूक्टोस के रूप में होता है। इनका ३% भाग प्रोटीन और ३.५% भाग पाचन में मददगार फ़ाइबर (रेशा) होता है।ख़ुबानियों और आलू बुख़ारों की तरह इनमें लाभदायक प्रति आक्सीकारक (ऐंटी- ऑक्सिडॅन्ट) की बहुत मात्रा होती है लेकिन ताज़े अंगूरों की तुलना में विटामिन सी कम होता है। इनमें सोडियम कम होता है और कोलेस्टेरॉल बिलकुल नहीं होता।अनुसन्धान में कुछ संकेत मिलें हैं कि अधिक रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) वाले मरीज़ों द्वारा किशमिशों का सेवन करने से उनके रक्तचाप पर कुछ लाभदायक असर होता है, हालांकि इसपर अभी अधिक अध्ययन की ज़रुरत है।
सूखे मेवों के फायदे बहुत है
आपने बड़े-बुजुर्गों से शायद सुना होगा कि हर दिन एक मुट्ठी मेवे जरूर खाने चाहिए। इसमें आपकी पसंद के बादाम, काजू, अखरोट, पिस्ता, किशमिश आदि कुछ भी हो सकते हैं लेकिन कोशिश यही होनी चाहिए कि कि कम से कम 5 तरह के मेवे जरूर हों। नाश्ते में अगर आप इसे खाते हैं तो भोजन के बाद जो भी कमी आपके शरीर में होती है वह पूरी हो जाती है।
किशमिश खाने के फायदे आप जानिए यहां।खैर, हम यहां खाने की अच्छी आदतों से अलग किशमिश के फायदों के विषय में बता रहे हैं। हर सुबह कुछ दाने किशमिश के साथ गर्म पानी पीना आपको कितने फायदे दे सकता है शायद आप अंदाजा भी नहीं लगा सकते। सुबह नाश्ते से पहले इसे खाएं।
हर दिन ना कर सकें तो कम से सप्ताह में 3 दिन अवश्य करें। इस आसान प्रयोग के आपको उन बीमारियों से भी छुटकारा मिलता है जो कई उपायों के बद भीव शायद आप ठीक ना कर सके हों।
किशमिश को खाने की विधि
रात में सोने से पहले अच्छी क्वालिटी के 14 से 16 दाने किशमिश के लेकर उसे पानी से धो लें। अब एक ग्लास पानी में इसे भिगो दें। सुबह भीगा किशमिश अपने आकार में दोगुना हो जाएगा। इसे ही आपको खाना है लेकिन इसकी भी एक विधि है।
किशमिश को खाने की विधि
आप इसे दो प्रकार से खा सकते हैं। पहला, तो यह कि किशमिश को पानी से निकालकर अच्छी तरह चबाते हुए खाएं और ग्लास के पानी को हल्का गुनगुना कर पी लें। इसके अलावा आप यह भी कर सकत हैं कि भीगे हुए किशमिश को उसी पानी में चम्मच से अच्छी तरह मैश कर लें और किशमिश समेत पानी को पी लें।
किशमिश को खाने की विधि
अगर आप इस प्रकार ना करना चाहें तो एक और विधि है। इसके लिए आपको इसे भिगोने की जरूरत भी नहीं है। सुबह खाली पेट इतने ही दाने किशमिश धोकर खाएं। इसके तुरंत बाद एक ग्लास गुनगुना पानी पिएं।
किशमिश से गुप्त रोगों का अचूक उपाय
आपको जानकर हैरानी कि इस प्रकार आपको कितने सारे फायदे आसानी से मिल जाते हैं। किशमिश में विटामिन ए, बी-कॉम्प्लेक्स और सेलीनियम होता है जो कमजोर लीवर, गुप्त रोगों और कमजोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता का अचूक इलाज है। इस प्रकार जब आप किशमिश खाते हैं तो आपको इसके पूरे फायदे मिलते हैं।
किशमिश से रोगों का अचूक उपाय
यही कारण है कि अगर कोई इनमें किसी भी परेशानी से परेशान हो तो वह कुछ ही दिनों में ठीक होने लगता है, लेकिन अगर आपको इनमें कोई भी स्वास्थ्य परेशानी नहीं है तो भी आप भविष्य में इन परेशानियों से मुक्त रहेंगे। इसके अलावा भी इसके कई स्वास्थ्य लाभ हैं।
किशमिश आखों की रोशनी बढ़ाता है
विटामिन ए की कमी पूरी करने के कारण यह आंखों की रोशनी बढ़ाता है। जिन्हें रतौंधी की परेशानी हो या आंखों के मसल्स कमजोर हों उन्हें इसका सेवन जरूर करना चाहिए।
किशमिश खून की कमी पूरी करता है
आपने सुना होगा कि लाल रंग़ के खाद पदार्थों में लौह तत्वों की मात्रा अधिक होती है, किशमिश पर भी यह लागू होता है। लौह तत्वों के अलावा इसमें बी-कॉम्प्लेक्स भी होने के कारण शरीर इसे अच्छी प्रकार से अवशोषित कर पाता है। इस प्रकार एनीमिया ठीक करने में यह बेहद कारगर है।
महिलाओं की शारीरिक संरचना और खान-पान की आदतें कुछ ऐसी होती हैं कि ये अक्सर खून की कमी का शिकार होती हैं। इसलिए महिलाओं को विशेष रूप से इसका सेवन करना चाहिए।
किशमिश से कब्ज का इलाज
कब्ज एक ऐसी परेशानी है जो बहुत हद तक आपकी लाइफस्टाइल और खाने की आदतों से जुड़ी होती हैं। लेकिन साधारण सी लगने वाली ये परेशानी शरीर में कई बड़ी बीमरियां पैदा करने की वजह होता है। इस प्रकार लगातार 8 दिनों तक किशमिश के सेवन से पेट में पाचन क्रिया सही हो जाती है और कब्ज की परेशानी दूर होती है।
किशमिश से ताकत वृद्धि
शायद आपको पता ना हो लेकिन किशमिश आपके शरीर में चपापचय की क्रिया नियमित करता है जिससे आपको भोजन के सभी पोषण मिलते हैं। इससे शारीरिक कमजोरी दूर होती है।
किशमिश से ताकत वृद्धि
सामान्य स्वास्थ्य वाले इसी प्रकार इसे खाएं, लेकिन अगर आप दुबलेपन से परेशान हैं और कुछ भी खाने से वजन नहीं बढ़ता तो आपको इसे केला और दूध के साथ खाना चाहिए, सकारात्मक परिणाम जरूर मिलेंगे। इसके लिए सुबह नाश्ते में केला और दूध खाने के बाद किशमिश खाएं, कुछ ही दिनों में आपको बदलाव दिखेगा।
मित्रो अपने रोज के नाश्ते में मेवों को हिस्सा बनाये और स्वस्थ रहे ।
जय हिंद।
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शुभ रात्रि।
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🌹🙏❣❣❣❣❣🇮🇳❣❣❣❣❣✍🌹 भारतीय संविधान भाग 9 अनुच्छेद 243 घ। 243 घ. स्थानों का आरक्षण–(1) प्रत्येक पंचायत में– (क) अनुसूचित जातियों ;और (ख) अनुसूचित जनजातियों, के लिए स्थान आरक्षित रहेंगे और इस प्रकार आरक्षित स्थानों की संख्या का अनुपात , उस पंचायत में प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा भरे जाने वाले स्थानों की कुल संख्या से यथाशकक़्य वही होगा जो उस पंचायत क्षेत्र में अनुसूचित जातियों की अथवा उस पंचायत क्षेत्र में अनुसूचित जनजातियों की जनसंख्या का अनुपात उस क्षेत्र की कुल जनसंख्या से है और ऐसे स्थान किसी पंचायत में भिन्न-भिन्न निर्वाचन क्षेत्रों को चक्रानुक्रम से आबंटित किए जा सकेंगे। (2) खंड (1) के अधीन आरक्षित स्थानों की कुल संख्या के कम से कम एक-तिहाई स्थान, यथास्थिति , अनुसूचित जातियों या अनुसूचित जनजातियों की स्त्रियों के लिए आरक्षित रहेंगे । (3) प्रत्येक पंचायत में प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा भरे जाने वाले स्थानों की कुल संख्या के कम से कम एक-तिहाई स्थान (जिनके अंतर्गत अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों की स्त्रियों के लिए आरक्षित स्थानों की संख्या भी है) स्त्रियों के लिए ...
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