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आक्रमण हो रहा है आक्रमण हो रहा है।
दुश्मन सरहद पे खड़ा चुनौती दे रहा है।
आक्रमण हो रहा है आक्रमण हो रहा है।
दहशत कर रहा है नफरत फैला रहा है।
आक्रमण हो रहा है आक्रमण हो रहा है।
हिंसा का दौर चल रहा खून बह रहा है।
आक्रमण हो रहा है आक्रमण हो रहा है।
तोड़ने की साजिशें रच रहा है खेल हो रहा है।
आक्रमण हो रहा है आक्रमण हो रहा है।
साजिशों का दौर है साजिशें रच रहा है।
आक्रमण हो रहा है आक्रमण हो रहा है।
जवान खड़े है सीना ताने डटके खड़े है।
आक्रमण हो रहा है आक्रमण हो रहा है।
गोलियां चल रही है शहादतें हो रही है।
आक्रमण हो रहा है आक्रमण हो रहा है।
सीना खड़ा है तन के मजबूत हम है मन से।
आक्रमण हो रहा है आक्रमण हो रहा है।
सरहद पे गोलियों से रोज़ रण हो रहा है।
आक्रमण हो रहा है आक्रमण हो रहा है।
घर मे बैठे द्रोही सीना छलनी करवा रहे है।
आक्रमण हो रहा है आक्रमण हो रहा है।
हर एक गोली से मजबूत प्रण हो रहा है।
आक्रमण हो रहा है आक्रमण हो रहा है।
सरहदों नापने का इरादा मजबूत हो रहा है।
आक्रमण हो रहा है आक्रमण हो रहा है।
दुश्मन के घर घुस के मारने का मन कर रहा है।
आक्रमण हो रहा है आक्रमण हो रहा है।
मजबूत है इरादे और पक्के है भारत माँ से वादे।
अब रण हो रहा है अब रण हो रहा है।
तेरी सरहदों के निगेवां है ये मेरी आँखें।
अब रण हो रहा है अब रण हो रहा है।
दुशमनी की भाषा का जबाब दिया जा रहा है।
अब रण हो रहा है अब रण हो रहा है।
इरादे अब हो चुके है कुछ कर गुजरने के
अब रण हो रहा है अब रण हो रहा है।
अब देख तेरे घर मेे क्या खेल मचेगा?
अब रण हो रहा है अब रण हो रहा है।
एक छलनी करोगे सौ छलनी हो जाएंगे।
अब रण हो रहा है अब रण हो रहा है।
वक्त का इंतज़ार है होने को बड़ा वार है।
अब रण हो रहा है अब रण हो रहा है।
आक्रमण हो रहा है आक्रमण हो रहा है।
अब रण हो रहा है अब रण हो रहा है।
जय हिंद।
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शुभ रात्रि।
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🌹🙏💫💫💫💫💫💫💫🇮🇳💫💫💫💫💫💫💫🌹✍️ बीते तीन चार दिनों मैं पारिवारिक यात्रा पे रहा। ससुराल के सुख का आनंद लिया। और कुछ अपने संबंधियों से मुलाकात भी की। मैं अपने जन्मस्थान पे हमेशा जाता हूं और वहां भी गया। वहां मेरी रूह बसती है। हां वहां भी गया जहां जाकर मुझे आत्मिक शांति और अध्यात्म का अनुभव होता है। मां मुझे अपने दर पे आने देती है। मेरे मन की सभी तृष्णाएं और सब अहंकार वहां हवन कुंड में स्वाह हो जाते है। मैं "मां श्री नयना देवी जी" की बात कर रहा हूं। और ये सत्य है । आप की जहां श्रद्धा आस्था होती है ये सब अपने आप दूर हो जाते है। और एक बात , ईश्वर सब को समय समय पे आइना किसी न किसी रूप में दिखाते रहते है। आस्थावान को इशारा मिलता है और सुधार होता है। बाकी की आंख पे पट्टी बंध जाती है। आज महाभारत में दिए ज्ञान को समझने की जरूरत है। जान लीजिए भगवान स्वयं अपने भक्तों का अभिमान दूर करते हैं , फिर वह चाहे उनकी अर्धागिनी सत्यभाभा हों, प्रिय गोपियां हों, अभिन्न मित्र अर्जुन हो, वाहन गरुड़ हो या भक्त नारद हो । भगवान अकिंचन को ही प्राप्त होते हैं अभिमानी को नहीं। अर...
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